आनंदघनजी महाराज के स्तवनों की भावपूर्ण प्रस्तुति में लीन होकर अपनी आंतरिक चेतना को जागृत करें। परिणति पर्व उपधान 2025 का यह सत्र प्राचीन ज्ञान और आधुनिक आध्यात्मिक साधना के बीच एक सेतु का कार्य करता है। एक गहन "अध्यात्म स्पर्श" का अनुभव करें जो आत्मा को शुद्ध करता है और परमात्मा के साथ आपके संबंध को सुदृढ़ बनाता है।