धर्मद्रव्य नी उचित व्यवस्था

धर्मद्रव्य नी उचित व्यवस्था 03 | स्वप्नद्रव्य: देवद्रव्य ओर संघद्रव्य?

विवरण

इस भाग में स्वप्नद्रव्य के वर्गीकरण पर चर्चा की गई है कि इसे देवद्रव्य माना जाए या संघद्रव्य। यह शुभ प्रसंगों पर एकत्रित धन के पारंपरिक हिसाब और नैतिक बँटवारे पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है। जैन शास्त्रों के अनुसार धार्मिक निधि की पवित्रता बनाए रखने के लिए इसका सही वर्गीकरण अनिवार्य है।

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