भक्तिविमर्श

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विवरण

भक्ति बिंदु के सिंधु में विलीन होने की घटना है। एक बार जब यह विलय हो जाता है, तो न तो अहंकार रहता है और न ही वियोग - केवल 'अर्हम्' की एकता रह जाती है। यह इस भावद में इकट्ठा किए गए 4 प्रवचनों का संकलन है।