तकनीक के माध्यम से एक व्यापक डेटाबेस तैयार करना ताकि साधर्मिक भक्ति के कार्यों को व्यवस्थित किया जा सके, जिससे जरूरतमंद साधर्मिकों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता और सशक्तिकरण प्रदान करना संभव हो सके।