विवरण
अद्भुतम् शब्द का शाब्दिक अर्थ अद्भुत, चमत्कारिक या अत्यंत सुंदर होता है। इस गीत के संदर्भ में, यह शब्द भगवान या तीर्थंकरों के दिव्य गुणों के प्रति विस्मय और गहन श्रद्धा व्यक्त करता है — यह दर्शाता है कि दिव्य उपस्थिति कितनी अनन्य, अतुलनीय और आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक है।
बोल
आवुं जोयुं नथी खूबसूरत कंई
मूर्ति जाणे प्रसन्नता जीवती थई
मूर्ति जाणे महेके को’ धूपसळी
मूर्ति जाणे सुधानी ए प्याली ढळी
मूर्ति जाणे गुलाबनी खीलती कळी
मूर्ति जाणे कपूरनी ढगली वळी
मूर्ति जाणे सुवर्णनी धारा गळी
मूर्ति जाणे सूरोनी सुसंगत मळी
मूर्ति जाणे सहकारनी मंजरी फळी
चांदनी चांदनी, रोशनी रोशनी...
उपमा सघळीये त्यांथी तो पाछी पडे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्!
तारी दृष्टि मळे, तो तुं पण कहे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्! उपमा...
बांध्यो जाणे एणे केवो कामण-तंत!
मन मारुं वशीकृत थयुं परतंत
रमणीय कमनीय हाम दाम ठाम
सघळुंये बलिहारी जाउं एणे नाम
मनडुं मोही लीधुं चित्तडुं तो चोरी लीधुं
ओगळी गई गुमनाम...
अद्भुतम् अद्भुतम् अद्भुतम्!
अद्भुतम् अद्भुतम् अद्भुतम्!
मुखडुं सरोवरनी वाती भीनी हवा
मुखडुं कारुण्यनी शीळी मीठी दुआ
मुखडुं जाणे झाकळ, मुखडुं छाई वादळ
मुखडुं जाणे केसर, मुखडुं जाणे कमळ
मुखडुं जाणे माधुर्यनो संचय थयो
मुखडुं लावण्यनो पुंज पिंडित थयो
मुखडुं मारा उद्धारनी जादुई कथा
मुखडुं स्नेहल घटा, मुखडुं स्वप्निल छटा
मुखडुं शोभा निराळी व्हालपभरी
अंबरी अंबरी, शंकरी शंकरी...
उपमा सघळीये त्यांथी तो पाछी पडे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्!
तारी दृष्टि मळे, तो तुं पण कहे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्! उपमा...
आंखो जाणे के सूर्यनुं पहेलुं किरण
आंखो जाणे के ममतानुं वहेतुं झरण
आंखो खूली गई तो सुधा थई गई
आंखो ढळी गई तो क्षमा थई गई
आंखो लळी गई तो शोभा थई गई
आंखो पलळी गई तो कृपा थई गई
आंखो बांधे बंधन, आंखो निगड-मोचन
आंखो प्रेम-पराग, आंखो गुणोनो बाग
आंखो कामणनी तिर्छी बरछी चली
संगीनी संगीनी, रंगीनी रंगीनी...
उपमा सघळीये त्यांथी तो पाछी पडे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्!
तारी दृष्टि मळे, तो तुं पण कहे
अद्भुतम् अद्भुतम्! अद्भुतम् अद्भुतम्! उपमा...