विवरण
जैन मंगल दीवो शुभता और दिव्य आशीर्वाद की कामना के लिए गाया जाने वाला पवित्र भक्ति गीत है। यह प्रकाश, पवित्रता और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है।
बोल
दीवो रे दीवो प्रभु मंगलिक दीवो
आरती उतारण बहु चिरंजीवो।
सोहामणुं घेर पर्व दिवाळी
अंबर खेले अमराबाळी।
दिपाळ भणे एणे कुळ अजुवाळी
भावे भगते विघन निवारी।
दिपाळ भणे एणे ए कलिकाळे
आरती उतारी राजा कुमारपाळे ।
अम घेर मंगलिक तुम घेर मंगलिक
मंगलिक चतुर्विध संघने होजो।