विवरण
यह ध्यान तीर्थंकर महावीर का एक चिंतनात्मक दृश्यांकन है, जिसे उनके युग में प्रचलित छह ऋतुओं के माध्यम से अनुभव किया जाता है। प्रत्येक ऋतु—शरद, हेमंत, प्रावृट्, वर्षा, वसंत और ग्रीष्म—एक ऐसे माध्यम के रूप में कार्य करती है, जिसके द्वारा उनकी उपस्थिति, गुणों और आध्यात्मिक सार का अंतर्मुखी अनुभव किया जाता है।