शबरीमाला केस के विषय में मार्गदर्शन २०२६
शबरीमाला मामला व्यक्तिगत लैंगिक समानता और धार्मिक देवता के पारंपरिक अधिकारों के बीच संवैधानिक संतुलन की समीक्षा करता है। यह 2018 के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले और मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़ी कानूनी चुनौतियों पर केंद्रित है। 2026 तक, यह मामला नौ न्यायाधीशों की पीठ के पास है जो धार्मिक परंपराओं में न्यायिक हस्तक्षेप की सीमाओं को परिभाषित करेगी।