यदि हमारा लक्ष्य मोक्ष है, तो इसकी यात्रा की शुरुआत प्रश्न से होती है
यदि जीवन का परम लक्ष्य मोक्ष है, तो इस आध्यात्मिक यात्रा का आरंभ स्वयं से और अस्तित्व से जुड़े गहरे प्रश्नों के माध्यम से होता है। ये प्रश्न ही वह शक्ति हैं जो साधक के भीतर सोई हुई चेतना को जगाते हैं और उसे अंधविश्वास से मुक्त कर सत्य के मार्ग पर ले जाते हैं। सही जिज्ञासा ही मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से विरक्त कर जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति पाने की दिशा में पहला ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित करती है।